
श्री शेषाचार्य जी महाराज
परिचय

श्री शेषाचार्य जी महाराज
दिव्य कथाकार
श्री शेषाचार्य जी महाराज का जन्म उत्तर प्रदेश के एक संत परिवार में हुआ। बाल्यकाल से ही उनमें आध्यात्मिक संस्कार और संतों के प्रति गहरी श्रद्धा थी। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गुरुकुल में प्राप्त की और वेदांत का गहन अध्ययन किया।
गुरु श्री श्री १००८ स्वामी सत्यानंद जी महाराज के सानिध्य में उन्होंने भागवत, रामायण, गीता और शिव पुराण का गहन मनन किया। उनकी कथा शैली में ब्रज भाषा का माधुर्य और वेदांत की गहराई का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।
पिछले दो दशकों से अधिक समय से वे देशभर में कथा वाचन कर रहे हैं। जयपुर, दिल्ली, वृन्दावन, अयोध्या, वाराणसी, उज्जैन, इंदौर, हरिद्वार सहित ५० से अधिक शहरों में उन्होंने कथा का आयोजन किया है।
उनके प्रवचनों की सबसे बड़ी विशेषता है — सरलता। वे कठिन से कठिन शास्त्रीय विषय को भी इतनी सहजता से समझा देते हैं कि आम श्रोता भी उसे ग्रहण कर सके। उनकी ब्रज भाषा में वाणी श्रोताओं को भक्ति रस में डुबो देती है।
आध्यात्मिक वंशावली
गुरु परम्परा
परमगुरु श्री श्री १००८ स्वामी रामसुखदास जी महाराज
परम संत, भागवत भाष्यकार
वेदांत के महान विद्वान, जिन्होंने भागवत पुराण पर अमूल्य भाष्य लिखा।
परमगुरु श्री श्री १००८ स्वामी रामसुखदास जी महाराज
परम संत, भागवत भाष्यकार
वेदांत के महान विद्वान, जिन्होंने भागवत पुराण पर अमूल्य भाष्य लिखा।
गुरु श्री श्री १००८ स्वामी सत्यानंद जी महाराज
आध्यात्मिक मार्गदर्शक
जिनके सानिध्य में श्री शेषाचार्य जी ने शास्त्रों का गहन अध्ययन किया।
गुरु श्री श्री १००८ स्वामी सत्यानंद जी महाराज
आध्यात्मिक मार्गदर्शक
जिनके सानिध्य में श्री शेषाचार्य जी ने शास्त्रों का गहन अध्ययन किया।
श्री शेषाचार्य जी महाराज
दिव्य कथाकार, भागवत वक्ता
गुरु परंपरा के वर्तमान प्रतिनिधि, देशभर में कथा वाचन कर रहे हैं।
श्री शेषाचार्य जी महाराज
दिव्य कथाकार, भागवत वक्ता
गुरु परंपरा के वर्तमान प्रतिनिधि, देशभर में कथा वाचन कर रहे हैं।
कथा के क्षेत्र
विशेषज्ञता
भागवत कथा
श्रीमद्भागवत महापुराण पर गहन प्रवचन। भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का अद्वितीय समन्वय।
राम कथा
प्रभु श्रीराम के जीवन की दिव्य लीलाओं का वर्णन। मर्यादा और धर्म का आदर्श चित्रण।
शिव पुराण
भगवान शिव के महात्म्य, उनके विभिन्न अवतारों और लीलाओं का विस्तृत निरूपण।
ब्रज भाषा प्रवचन
ब्रज भाषा के माधुर्य में कथाओं का ऐसा रसास्वादन जो श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दे।